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उत्थान की रेखाएं

सामर्थ्यवान वो लिख सकता, अंधे को सावन हरा हरा।

यौवन··हिन्दी

image श्री नंदलाल बोस द्वारा ‘दी बुल हैन्डलर’ नमो महामाया

हर व्यक्ति जीवन में उत्थान चाहता है, जो ये बात सुन कर उत्थान का अर्थ पूछते हैं। वो भी उत्थान चाहते हैं। उत्थान का अर्थ पूछने से बेहतर है ये पूछा जाए की किस विधा में या किस राह में उत्थान की आकांक्षा है। उत्थान के लिए कुछ मूल चीजें अनिवार्य हैं, सत का होना, जिज्ञासा को बस देखते ही न रहना परंतु जिज्ञासा से एक हो कर किसी ओर अग्रसर होना। उत्थान के लिए ज्ञान भी अनिवार्य है, ज्ञान ना होने के कारण हम बुनियादी भूल कर बैठते हैं, जैसे अपने ही अहम को पाश किए बिना ह���ारी चाहत होती है की हम इन्द्र के सिंहासन को हिला दें। इसी प्रकार किसी लेखन की विधा को समझने और उस विधा की निस्वार्थ भाव से सेवा करने के लिए, सबसे महत्वपूर्ण है ज्ञान। ज्ञान का अर्थ किसी तत्व का याद होना नही, ज्ञान का अर्थ किसी तत्व को समझना है, उस तत्व के साथ एक हो जाना है। उत्थान की राह में निरंतर चलते रहने के लिए, किसी का साथ भी महत्वपूर्ण है, मनुष्य चेतना इतनी छली है कि अपने लक्ष के आलिंगन में खड़े व्यक्ति को आभास नही होने देती की वो जीवंत है और लक्ष तक आ गया है। इसलिए जीवन में ऐसा व्यक्ति, जो आपको सतमार्ग में चलने का प्रोत्साहन दे, ऐसे व्यक्ति के होने से उत्थान की रेखाएं अंकित ही नहीं स्पष्ट हो जाती हैं।

उत्थान की रेखाएं 

पौरुष जीवन की समता 
है कविता का उत्थान 
हर कविता में प्रीति है 
और संशोधन विज्ञान 

कविता और विज्ञान श्रवण पर 
वर्षा और शरद से 
कविता पर है भार कि लिखना 
श्रद्धा भिन्न शरद से 

कविता भारी है सदियों से 
विज्ञान की तीव्र गति पर 
चल अचल फूलता है मन में 
कुमति का भार सुमति पर 

जैसे जीवन स्यंदन पर बैठा 
भाग्य भक्ति का प्यासा 
जैसे कल जीत की राह खड़ी थी 
कर्ण, शल्य, के साथ निराशा 

एक वेद की ऋचा देखती 
विज्ञान के पार नयन में 
अंतिम बेहोशी मिलती है 
कवि को जीत शयन में 

कवि वो ही, पाए जो 
एक लेख में यशोधरा 
सामर्थ्यवान वो लिख सकता 
अंधे को सावन हरा हरा 

- यौवन

1 1 यह पढ़ने के बाद यदि आपको ये आभास हो की, समय, मेहनत, अनुशासन और उदाहरण जैसे तत्वों की इस लेख में क्यूँ व्याख्या नही है। तो इसके सरल उपाय के तौर पर आप कोई कविता संग्रह उठाएं, उसे समय दें, समझने में मेहनत करें, और अनुशासित तौर पर उसकी सेवा करें, यही उदाहरण है।

उत्थान की रेखाएं · Youvan Prakashan