प्रलेखन
सही प्रलेखन क्यों जरूरी है।
यौवन··हिन्दी
संसार भर की लिपियों में केवल देवनागरी-लिपि को ही वैज्ञानिक और स्वर-नियमानुकूल होने का गौरव प्राप्त है। भाषा-विज्ञान के बहुत से विदेशी पंडितों ने इसकी प्रशंसा की है। मानवीय चेतन के प्रभात में जिन मस्तिष्कों ने इन स्वर-चिन्हों का आविष्कार किया था वे निस्संदेह अलौकिक प्रतिभा- सम्पन्न थे। आधुनिक वैज्ञानिक युग की रोमन-लिपि वैज्ञानिक हो और प्राचीन गड़रियों के …